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खबरी पोस्ट नेशनल न्यूज नेटवर्क

चकिया‚चंदौली।

चकिया, चंदौली। कुछ दिन पूर्व सिकंदरपुर निवासी एक व्यक्ति से हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर 15 सौ रुपये घूस लेने का सोशल मीडिया पर वायल वीडियो ने तहलका मचा रखा था जिसके बाद लेखपाल के खिलाफ जांच बैठा दी गई थी। आखिरकार उपजिलाधिकारी ज्वाला प्रसाद ने लेखपाल के विरूध्द निलम्बन की कार्यवाही की। जिससे पूरे तहसील में हड़कंप मचा हुआ है।

बताते चले कि पिछले दिनों सिकंदरपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए चकिया तहसील में आवेदन दिया गया था। जिसके लिए लेखपाल शाकिब द्वारा उक्त व्यक्ति से प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर पन्द्रह सौ रूपयों की मांग की गई । किसी ने पैसे देने का वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। जिसके बाद तहसील में हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई थी।

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आरोप सही पाये जाने पर लेखपाल को किया गया सस्पेंड – उपजिलाधिकारी ज्वाला प्रसाद

उपजिलाधिकारी ज्वाला प्रसाद ने तत्काल आरोपी लेखपाल को पटल से हटाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया था। खबरी ने जब उपजिलाधिकारी से जानकारी लेनी चाही कि उक्त प्रकरण में क्या कार्यवाही की गई तो उन्होने बताया कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर उक्त लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है। जिससे तहसील के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

तहसील कैम्पस बना भ्रस्टाचार का अड्डा ‚सुविधा के लिए चाहिए सुविधाशुल्क

गौरतलब है कि आम नागरिकों के जरुरी प्रमाण पत्रों के एवज में तहसील कर्मचारियों द्वारा आए दिन सुविधाशुल्क मांगने की शिकायत आती रहती है।और सुविधा शुल्क न देने की स्थिति में काम मो लिंगर किया जाता रहा है। प्रशासन की इस कार्रवाई से भ्रष्ट कर्मचारियों के लिए एक सीख मिलनी चाहिए कि वे भी जान ले कि सोशल मीडिया का जमाना है कहा से कौन बीडीओ बना ले और डाल दे पता भी नही चल पायेगा और जब पता चलेगा भी तो वही किस्सा चरितार्थ होगा कि अब पछताए होत क्या जब चिडिया चुग गई खेत।‘‘