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हत्या के 3 दोषियों को आजीवन कारावास:ताड़क राजभर का गांव के पास मिला था शव, 13 साल बाद आया फैसला चंदौली के अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को 13 साल पुराने हत्या के मामले में सजा का ऐलान किया।

खबरी पोस्ट नेशनल न्यूज नेटवर्क

चंदौली। जनपद के अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार सिंह की अदालत ने मंगलवार को 13 साल पुराने हत्या के मामले में सजा सुनाया । कोर्ट ने साक्ष्यों और अभियोजन की ओर से पैरवी के बाद तीन लोगों को हत्या का दोषी पाया। ऐसे में तीन को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को दो साल की अतिरिक्त सजा जेल में गुजारनी होगी।

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ताड़क राज भर हत्याकांड में दुधारी राजभर के द्वारा पुलिस को तहरीर देकर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा द

सैयदराजा थाना क्षेत्र के दुधारी गांव निवासी ताड़क राज भर का वर्ष 2010 के 20 अक्टूबर को गांव के समीप रक्तरंजित शव पाया गया था। इसी मामले में दुधारी के बिरबल राजभर के द्वारा पुलिस को तहरीर देकर तीन लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। बाद में पुलिस ने सकलडीहा कोतवाली के नागेपुर निवासी दीपक राजभर, खोर गांव के जीतू राजभर और सकलडीहा कस्बा के शिवशक्ति उर्फ अमन पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपियों की निशानदेही पर हत्या के लिए प्रयुक्त चाकू, गुप्ती और अन्य सामान को पुलिस ने बरामद कर लिया।

अपर सत्र न्यायधीश विनय सिंह की अदालत में हुई सुनवाईसंजय त्रिपाठी ने की बहस
इसी मामलों की अपर सत्र न्यायधीश विनय सिंह की अदालत में सुनवाई चल रही थी। जिसमें अभियोजन की ओर तमाम साक्ष्य और तर्क प्रस्तुत किया गया। कोर्ट ने अभियोजन के तर्क और साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। साथ ही 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड नहीं देने पर दोषियों को दो-दो साल की अतिरिक्त सजा जेल में गुजारनी होगी। अभियोजन की तरफ से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजय कुमार त्रिपाठी ने कोर्ट में बहस की।