दुनिया की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले जी-20 देशों के मेहमान रविवार को वाराणसी पहुंच गए। एयरपोर्ट से होटल और गंगा घाटों तक भव्य स्वागत से सब अभिभूत दिखे। मेहमानों ने काशी की सभ्यता, संस्कृति को नमन किया और उसके धार्मिक महत्व को समझा। देर शाम विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती की भव्य और अद्भुत छटा देख मंत्रमुग्ध हो गए। अब जी-20 देशों के विकास मंत्री विकास का खाका खीचेंगे, फिर उसे अमल में लाने की रणनीति बनाएंगे।

खबरी पोस्ट नेशनल न्यूज नेटवर्क

वाराणसी । जी-20 देशों के तीन दिवसीय (11-13 जून) सम्मेलन की शुरुआत रविवार की देर शाम गाला डिनर के साथ हो गया। विदेशमंत्री डा एस जयशंकर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में अलग-अलग देशों के विकास मंत्रियों का स्वागत किया गया। साथ ही कहा गया कि बैठकों का दौर सोमवार से शुरू होगा। इससे पहले सभी मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा की जाएगी।

WhatsApp Image 2023-08-12 at 12.29.27 PM
Iqra model school
WhatsApp-Image-2024-01-25-at-14.35.12-1
WhatsApp-Image-2024-02-25-at-08.22.10
jpeg-optimizer_WhatsApp-Image-2024-04-07-at-13.55.52-1
srvs_11zon
Screenshot_7_11zon
WhatsApp Image 2024-06-29 at 12.
IMG-20231229-WA0088
previous arrow
next arrow

पीएम मोदी का विशेष वीडियो कांफ्रेसिंग कल

भारत की अध्यक्षता में चल रहे जी-20 समूह के सम्मेलनों के क्रम में सोमवार को हस्तकला संकुल में विकास मंत्रियों की बैठक शुरू होगी। इसकी अध्यक्षता विदेशमंत्री डा. एस जयशंकर करेंगे। बैठक से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष वीडियो संबोधन होगा। इसके बाद मंत्री समूह कूटनीतिक संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा करेगा। साथ ही तकनीक और सांस्कृतिक विरासत के आदान प्रदान जोर देंगे।

सम्मेलन में गरीबी और असमानता को दूर करने की बनेगी रूपरेखा

विकास की बढ़ती चुनौतियों पर भी चर्चा की जाएगी। आर्थिक मंदी, ऋण संकट, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव व प्रदूषण की चुनौती से निपटने की रणनीति बनेगी। जैव विविधता से होने वाले नुकसान, बढ़ती गरीबी, असमानता, खाद्य व ऊर्जा असुरक्षा, जीवनयापन के संकट सहित वैश्विक आपूर्ति-श्रृंखला व्यवधान, भू-राजनीतिक संघर्ष और तनाव पर भी चर्चा की जाएगी। विकासशील देशों के लिए प्रगति में बाधा डालने वाले महंगे व्यापार से बचने के उपाय पर भी मंथन किया जाएगा।

काशी की परंपरा के अनुसार की गई मेहमानों की अगवानी

वाराणसी पहुंचने पर मेहमानों का परंपरा के अनुसार अगवानी की गई। अवध के फरूवाही नृत्य और काशी विश्वनाथ डमरू वादन समिति ने एयरपोर्ट पर विदेशी मेहमानों का भव्य स्वागत किया। लाठी के सहारे मनमोहक नृत्य पर मेहमान रीझे नजर आए। सबको तिलक लगाया गया, फिर रूद्राक्ष की माला पहनाकर स्वागत किया। एयरपोर्ट से होटल तक अलग अलग स्थानों पर कलाकारों के नृत्य ने भी मेहमानों को लुभाया।

khabaripost.com
sagun lan
sardar-ji-misthan-bhandaar-266×300-2
bhola 2
add
WhatsApp-Image-2024-03-20-at-07.35.55
jpeg-optimizer_bhargavi
WhatsApp-Image-2024-06-22-at-14.49.57
previous arrow
next arrow

खास मेहमानो से विदेश मंत्री जयशंकर ने की मुलाकात

कुछ खास मेहमान, जिनसे मिले जयशंकरकाशी पहुंचने वालों में आस्ट्रेलियाई राजनेता पैट्रिक काॅनरॉय, भारत में ब्राजील के राजदूत मौरिसियो लिरियो, अंतरराष्ट्रीय भागीदारी के लिए यूरोपीय आयुक्त जट्टा उरपिलैनेन, जर्मनी के आर्थिक सहयोग और विकास मंत्री स्वेंजा शुल्ज, जापानी मंत्री शुनसुके टेकी, चीन के झाओ यिफान मुख्य रूप से शामिल हैं। इन सबसे भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मुलाकात की है।

वाराणसी में विदेश मंत्री बोले- दुनिया भर के देशों में हिंदू मंदिरों का कायाकल्प करा रही भारत सरकार

जी-20 देशों के विकास मंत्रियों के सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाराणसी पहुंचे विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार विदेशों में भी हिंदू मंदिरों का कायाकल्प कर रही है। आबूधाबी में बन रहा मंदिर इस साल के अंत में पूरा हो जाएगा। काशी विद्यापीठ में कार्यक्रम से पहले अनौपचारिक बातचीत में विदेश मंत्री ने कहा कि बहरीन और फ्रांस में मंदिर निर्माण की अनुमति मिल गई है।

नेपाल के साथ बेटी-रोटी का रिश्ता

नेपाल, चीन और पाकिस्तान की सीमा पर स्थाई बाउंड्री वॉल बनाने के सवाल पर विदेश मंत्री ने कहा कि नेपाल से हमारा रिश्ता रोटी-बेटी का है। भारत के मित्र देश में शुमार नेपाल में हमारी खुली सीमाएं हैं। सीमा सील करने या किसी तरह की दीवार से दुनिया में गलत राजनीतिक संदेश जाएगा

काशी से जायेगा सांस्कृतिक विरासत का संदेश

उन्होंने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकास मंत्रियों की बैठक के लिए वाराणसी को चुना है। ताकि दुनिया में काशी की सांस्कृतिक विरासत का संदेश पहुंचे। जी-20 के साथ ही एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) का कार्यक्रम चल रहा है। विकास मंत्रियों की बैठक के बाद जी-20 का सांस्कृतिक सम्मेलन भी वाराणसी में होगा।

जी 20 देशों के सम्मुख रखा जायेगा काशी का विकास माडल भी

जी 20 देशों के विकास मंत्रियों के समक्ष काशी का विकास मॉडल भी रखा जाएगा। बताया जाएगा कि धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व की नगरी के पुरातन स्वरूप को बरकरार रखते हुए विकास कार्य आगे बढ़ाए जा रहे हैं। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर को आदर्श उदाहरण बताया जाएगा। सिक्स व फोरलेन सड़कों, ओवरब्रिज व फुट ओवरब्रिज के निर्माण से जुड़ी जानकारियां दी जाएंगी। यह भी बताया जाएगा कि भविष्य में विकास की गति और तेज होगी। दुनिया का तीसरा पब्लिक ट्रांसपोर्ट का रोपवे काशी में बनाया जा रहा है।

विकास मंत्रियों का समूह तीन दिनों तक करेगा विकास पर मंथन

जी-20 देशों के सम्मेलन में विकास मॉडल और तकनीक का आदान प्रदान भी किया जाएगा। दुनिया की अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाने वाले देशों के विकास मंत्रियों का समूह रविवार से तीन दिन विकास पर मंथन करेगा। प्रदेश सरकार की ओर से अतिथियों के स्वागत में 11 जून को रात्रिभोज का आयोजन किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी हिस्सा ले सकते हैं।

You missed