अनिल दूबे की रिर्पोट

यज्ञ से ही सभी जीवों की उत्पत्ति होती है : राजगोपालाचार्य

खबरी पोस्ट नेशनल न्यूज नेटवर्क
धर्म कर्म डेस्क।बिहार के माडवाॅ बसहियाॅ में आयोजित श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ में बक्सर से पधारे पीठाधिश्वर श्री श्री राजगोपालाचार्य जी महाराज ने कहा कि आप लोगों के द्वारा जो यह यज्ञ हो रहा है इससे बहुत फायदे होते है । यज्ञ से विश्व का कल्याण होता है। यज्ञ से ही सभी जीवों की उत्पत्ति होती है।

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भगवान की भी उत्पत्ति यज्ञ से ही हुई है यदि यज्ञ न हो तो मेरी भी और आपकी भी उत्पत्ति नहीं

बैदिक ब्राह्मण के द्वारा मंत्रों का उच्चारण करते हुए जब यज्ञ में आहुति दी जाती है तब जो धुंआ निकलता है उसी धुंए से बादल बनता है और बादल से वर्षा होती है। फिर वर्षा से फसल की उत्पत्ति होती है। और फिर सभी जीवों की उत्पत्ति होती है। भगवान की भी उत्पत्ति यज्ञ से ही हुई है यदि यज्ञ न हो तो मेरी भी और आपकी भी उत्पत्ति नहीं होती।

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कृषि और ऋषि का है बहुत प्राचीन संबंध

यज्ञ ऐसी चीज है जिससे समस्त प्राणियों का ही नहीं विश्व के सभी प्राणियों का कल्याण होता है। कृषि और ऋषि का बहुत प्राचीन संबंध है। हमारे ऋषि आते हैं जैसे हमारे स्वामी मधुसुदनाचार्यजी महाराज यहां आ करके पहले कृषि का कार्य कर गए। फिर यज्ञ के चारों तरफ जौ का रोपण किया गया और उससे यज्ञ हुआ। यज्ञ से हर वर्ण के लोग लाभान्वित होते हैं। सिर्फ ब्राह्मणों का ही यज्ञ नहीं है बल्कि यज्ञ में हर वर्ण के लोग जैसे ब्राह्मण,क्षत्रिय वैश्य एवं शूद्र चारों वर्णों का इसमें रोजगार लगता है। यह जो यज्ञ हो रहा है इसमें सभी लोगों का रोजगार लगा है।

जो भी हम कार्य करते हैं उसमें यज्ञ का स्वरूप होता है

मुस्लिम के साथ अन्य धर्म वालों का भी रोजगार लगा है। कोई भी संसार में ऐसा प्राणी नहीं है जो यज्ञ से अलग है। यज्ञ के बिना हम रह नहीं सकते। और यज्ञ ही ऐसा है जो भी हम कार्य करते हैं उसमें यज्ञ का स्वरूप होता है।
मेला देखने व यज्ञ में प्रवचन सुनने के लिए महिलाओं और युवा-युवतियों की भिड़ भारी संख्या मे हो रही है।
यज्ञ में बच्चों के लिए चरखी, झुला, के साथ सभी तरह के बाजार लगाया गया है। जिसमें युवक युवतियों ने अपने आवश्यकता के अनुसार खरीदारी भी करते हुए मेरे का आनंद लें रहे हैं।

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