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एयर एंबुलेंस की खोज और बचाव- ऊबड़-खाबड़ इलाकों में आपदाओं के मामले में घायल या गंभीर रोगियों को साथ ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह दूरदराज के क्षेत्रों से लोगों को सुलभ क्षेत्रों तक ले जाने और उन्हें बचाने में मदद करता है।

खबरी पोस्ट नेशनल न्यूज नेटवर्क

लखनऊ।उत्तर प्रदेश के मरीजों को एयर एंबुलेंस की सुविधा देने की तैयारी है, इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इससे मरीजों को तत्काल एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाया जा सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से एयर एंबुलेंस कंपनियों से करार किया जाएगा। इससे एयर एंबुलेंस का खर्चा तय कर दिया जाएगा।

एयर एंबुलेंश की सुविधा होने से प्रदेश ही नही आस पास के प्रदेशों के मरीजों को होगा लाभ

स्वास्थ्य विभाग की रणनीति है कि एयर एंबुलेंस कंपनियों से करार करके दूरी और समय के हिसाब से दर तय कर दी जाए। ताकि यहां भर्ती गंभीर मरीज को दूसरे शहर में शिफ्ट करने में सुविधा रहे। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. ब्रजेश राठौर ने बताया कि एयर एंबुलेंस सुविधा शुरू होने से प्रदेश के मरीजों के साथ ही आसपास के प्रदेश के मरीजों को भी यहां ले आने में सहूलियत मिलेगी। इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।

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आखिर क्या होता है एंबुलेंस का फुलफार्म ?

एंबुलेंस का फुल फॉर्म क्या है ? ambulance का full form:- Australia Medical Bureau Under Law And National Corresponding Emergencies होता है। एम्बुलेंस शब्द लैटिन शब्द ‘एंबुलारे’ से आया है जिसका अर्थ है ‘चलना या घूमना’। एम्बुलेंस का पूर्ण रूप है – ऑस्ट्रेलिया मेडिकल ब्यूरो अंडर लॉ एंड नेशनल कॉरेस्पोंडिंग इमर्जेंसी ।

एसजीपीजीआई व केजीएमयू में हवाई पट्टी
एसजीपीजीआई में करीब तीन साल पहले इमरजेंसी ब्लॉक के बगल में एयर एंबुलेंस के लिए रनवे बनाने की जगह चिह्नित की गई है। हालांकि अभी तक यह परियोजना शुरू नहीं हो पाई है। इसी तरह केजीएमयू के ट्रामा फेज-2 की परियोजना में भी एयर एंबुलेंस उतारने की सुविधा दी जाएगी।

इन – इन जगहों पर भी बनाई जायेगी हवाई पट्टी

सूत्रों के मुताबिक लखनऊ के चिकित्सा संस्थानों के बाद झांसी, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी हवाई पट्टी बनाई जाएगी। इससे यहां भर्ती होने वाले मरीजों को दूसरी जगह भेजने और मरीजों को अन्य स्थानों से यहां लाने में आसानी होगी।

मालूम रहे कि दो साल पहले उन्नाव रेप पीड़िता के सड़क हादसे में घायल होने के बाद सरकारी खर्चे पर एयर एंबुलेंस ली गई थी। ऐसे में केजीएमयू से लेकर एयरपोर्ट तक ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया था। इसी तरह लोहिया संस्थान की डॉक्टर को चेन्नई भेजने के लिए भी किराये पर एयर एंबुलेंस ली गई थी। सुविधा शुरू होने के बाद ग्रीन कॉरिडोर नहीं बनाना पड़ेगा।

एयर एंबुलेंश करने में कितना आयेगा लागत

भारत में एयर एम्बुलेंस की लागत विमान के प्रकार, तय की गई दूरी, मरीज की चिकित्सा स्थिति और अन्य कारकों के आधार पर काफी भिन्न होती है। आम तौर पर, भारत में एयर एम्बुलेंस सेवा की लागत रु. से कहीं भी होती है।1.5 लाख से रु.2.5 लाख

भारत वर्ष में एयर एंबुलेश की स्थिति

ये सेवाएँ पूरे भारत में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। भारत में एयर एम्बुलेंस सेवाएँ बहुत लागत प्रभावी हैं, क्योंकि वे पारंपरिक ग्राउंड एम्बुलेंस की लागत के एक अंश पर रोगियों की चिकित्सा देखभाल और परिवहन प्रदान कर सकती हैं।

एयर एंबुलेंस होती क्या है?

एयर एंबुलेंस भी एक आम एंबुलेंस की तरह सुविधा युक्त होती है और इसी तरह काम करती है, लेकिन इसमें कार की जगह हवाई जहाज या हेलीकॉप्टर होती है। यानी एयर एंबुलेंस में हवाई जहाज या हैलीकॉप्टर के जरिए मरीज को एक स्थान से दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया जाता है। रोचक बात ये है कि, इस तरह की एंबुलेंस में खास तकनीक भी होती है और मरीज को लेकर कई ऐसी सुविधाएं होती हैं, जिससे मरीज को आखिरी समय में बचाया जा सकता है।

इसमें क्या खास होता है?

एयर एम्बुलेंस में इमरजेंसी सिचुएशन में मरीज को बचाने से जुड़ी कई तकनीक होती है और ऑक्सीजन, खून पतला करने जैसे कई उपकरण लगे होते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर एंबुलेंस में मरीज को सांस लेने में दिक्कत होने पर दिया जाने वाला ब्रीदिंग ऐपरेटस होता है। इसके लिए पेसमेकर, ऑक्सीजन, खून पतला करने की दवाई, मॉनिटरिंग सिस्टम आदि भी होती है। इसके अलावा इसमें जरूरत पड़ने पर मरीज के हिसाब से अन्य उपकरण को जोड़ा जा सकता है और यह अस्पताल के एक वार्ड की तरह काम करता है।

कैसे बुक कर सकते हैं एयर एबुंलेंस?

एयर एंबुलेंस को बुक करने के कई तरीके हैं।बता दें कई विमान कंपनियां यह सेवा देती हैं। वहीं आप हवाई जहाज में फ्लाइट पेंशेंट के लिए भी इसकी बुकिंग कर सकते हैं, जिसमें स्ट्रक्चर जैसी सुविधाएं दी जाती हैं। वहीं, इसके लिए कई कंपनियां भी हैं, जो एयर एंबुलेंस बुक करने का काम करती हैं। इसके लिए आपको इन कंपनी से संपर्क कर सकते हैं, जो मरीज की हालत आदि को ध्यान में रखते हुए एयर एंबुलेस बुक कर देते हैं। इसमें प्राइवेट स्तर पर भी बुकिंग की जा सकती है।

सरकारी एयर एंबुलेंस

आप को जानकर हैरानी होगी  कि सरकारी एयर एंबुलेंस भी होती हैं।लेकिन सरकारी एयर एंबुलेंस बुक करनी है तो इसके लिए आपको हॉस्पिटल और जिले के कलेक्टर से बात करनी होती है। इनसे बात करने के बाद वर्तमान स्थिति के आधार पर एंबुलेंस की सुविधा प्रदान की जाती है। इसके अलावा अगर कहीं पहाड़ी इलाकों या सुदूर इलाकों में कोई प्राकृतिक दुर्घटना हो जाती है तो भी सरकार की ओर से एयर एंबुलेंस बुक की जाती है।

कितना आता है खर्चा?

इसमें लगने वाला खर्चा कई चीजों पर निर्भर करता है। एयर एम्बुलेंस बुक करने का खर्च आमतौर 5-6 लाख या इससे ज्यादा भी हो सकता है। लेकिन, आप किस तरह की सुविधा ले रहे हैं और आपको कितनी जल्द सुविधा चाहिए और कितनी दूरी तक एंबुलेंस चाहिए। ऐसे में इस पर निर्भर करता है कि एयर एंबुलेंस में कितना खर्चा होगा।

एंबुलेंस को हिंदी में क्या कहते हैं?

एंबुलेंस को आमतौर पर हम लोग एंबुलेंस के नाम से ही जानते हैं लेकिन यह एंबुलेंस का अंग्रेजी शब्द है, एंबुलेंस को हिंदी में चिकित्सा वाहिनी और रोगी वाहन के नाम से जाना जाता है इसके अलावा एंबुलेंस को हिंदी में और भी बहुत सारे नामों से जानते हैं जैसे कि मैदानी अस्पताल, चिकित्सा वाहिनी, रोगी वाहन इत्यादि

एम्बुलेंस का अर्थ क्या है? (Ambulance meaning in Hindi)

एम्बुलेंस का अर्थ मैदानी अस्पताल है इसके अलावा एंबुलेंस का एक प्रकार का गाड़ी है जिसमें घायल हो और मरीजों को बैठाकर अस्पताल या हॉस्पिटल पहुंचाया जाता है।

एम्बुलेंस के बारे में जानकारी

एम्बुलेंस एक प्रकार की युवा हद होती है जिसमें मरीजों और रोगियों को बैठाकर हॉस्पिटल ले जाया जाता है एंबुलेंस को हिंदी मे रोगी वाहन भी बोला जाता है एंबुलेंस आमतौर पर रोगियों और  मरीजों के सेवा देने के लिए ही होता है । एंबुलेंस की मदद से कोई भी मरीज बहुत आसानी से और जल्दी ही अस्पताल तक पहुंच सकता है और अपने इलाज को जल्दी ही करा सकता है।

गर्भवती महिलाओं के लिए यूपी सरकार ने मुफ्त एंबुलेंस की सेवा का ऐलान किया है। किसी गर्भवती महिला को चैकप और प्रसव आदि के लिए अस्‍पताल पहुंचना है तो उसे सिर्फ 102 नंबर पर डायल करना होगा। एंबुलेंस उन्‍हें घर से अस्पताल और अस्पताल से घर तक मुफ्त लाने ले जाने ​के लिए उपलब्‍ध रहेगी।

एम्बुलेंस के प्रकार (types of ambulance)

अगर हम बात करें एंबुलेंस के प्रकार के बारे में तो एंबुलेंस ज्यादातर एंबुलेंस ट्रक, कार, वैन, कार्गो वैन या फिर मोटरसाइकिल होती है।

108 एम्बुलेंस जानकारी

यह 108 आपातकालीन सेवा है जो स्वास्थ्य, पुलिस और अग्निरोध की स्थिति में  उपलब्ध करवाया जाता है यह एक आपातकालीन सेवा है जो की 24 X 7 के आधार पर सेवा उपलब्ध कराती है। यह 108 आपातकालीन सेवा भारत के आँध्र प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात,  तामिलनाडु, गोवा, कर्नाटक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, मेघालय और असम जैसे राज्य में उपलब्ध कराया जाता है। यह आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 24 X 7 तक उपलब्ध आपातकालीन सेवा है। आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा को आप कभी भी  ले सकते हैं।

102 एम्बुलेंस जानकारी

दोस्तो हम आपको यह बता दें कि एम्बुलेंस सेवा 102 गर्भवती महिला को हॉस्पिटल से ले जाने और ले आने के लिए उपयोग किया जाता है  इसके अलावा 102 एम्बुलेंस सेवा का प्रयोग किया जाता है जब कोई महिला और शिशु एक हॉस्पिटल को छोड़कर दूसरे हॉस्पिटल में एडमिट होने वाले हैं महिला 102 एंबुलेंस सेवा का प्रयोग किया जाता है इसके अलावा इस सेवा में 1 साल तक के बच्चों को घर से हॉस्पिटल ले जाने और हॉस्पिटल से घर छोड़ा जाता है।

एंबुलेंस में उल्टा क्यों लिखा होता है?

दोस्तों यदि आप एंबुलेंस देखे हैं तो आपने कभी ना कभी इस बात पर गौर किया होगा कि एम्बुलेंस गाड़ियों में आगे की तरफ AMBULANCE उल्टा लिखा जाता है यदि आपको नहीं पता है कि एम्बुलेंस गाड़ियों मे AMBULANCE उल्टा क्यों लिखा जाता है तो हम आपको बता दें कि एम्बुलेंस मे AMBULANCE उल्टा इसलिए लिखा जाता है ताकि सामने वाले वाहन के ड्राइवर को सही तरह से पता चले कि सामने वाली गाड़ी एंबुलेंस आ रही है और वह एंबुलेंस को आगे निकलने के लिए साइड दे सके। तो इसी कारण से एंबुलेंस गाड़ियों में उल्टा एंबुलेंस लिखा जाता है।

एम्बुलेंस का उपयोग होता है (uses of ambulance)

  • ambulance एक वाहन होती है जो मरीज और रोगियों (patient) को अस्पताल ले जाने के लिए उपयोग की जाती है।
  • एंबुलेंस की मदद से मरीजों को जल्दी से जल्दी अस्पताल ले जाया जा सकता है।
  • ज्यादातर एंबुलेंस उजला और पीला कलर की होती है।
  • ज्यादातर एंबुलेंस ट्रक, वैन, कार्गो वैन या फिर  मोटरसाइकिल होती है।
  • कुछ आपातकाल परिस्थितियों में  हवाई जहाज और हेलीकॉप्टर को एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

Ambulance कैसे लिखा जाता है।

एंबुलेंस को आमतौर पर गाड़ियों पर उल्टा लिखा जाता है ताकि सामने वाले वाहन के ड्राइवर ambulance सीधा और स्पष्ट दिखाई दे सके।

Ambulance में नाम उल्टा क्यों लिखा होता है?

Ambulance में नाम उल्टा इसलिए लिखा जाता है क्योंकि  जब आप किसी भी गाड़ी के कांच से पीछे चल रही कोई भी गाड़ियों को देखते हैं तो उन गाड़ियों पर लिखे गए कोई भी शब्द आपको उल्टे दिखाई देते हैं. इसी के कारण से Ambulance गाड़ियों पर नाम उल्टा लिखा जाता है ताकि सामने वाले वहां को सही और स्पष्ट ना दिखाई दे सके।

एंबुलेंस के नंबर क्या है?

एंबुलेंस का नंबर 102 है इस नंबर पर कॉल करने के बाद आपको एंबुलेंस की सुविधा मिल सकती है।

आपातकालीन चिकित्सा सेवा में किन साधनों की आवश्यकता होती है?

आपातकालीन चिकित्सा सेवा में अलग-अलग  प्रकार की और अलग-अलग आकार की चिपकने वाली पट्टियां और मध्यम, छोटी, और बड़ी विसंक्रमित प्रकार की पट्टियां। इसके अलावा कम से कम दो आंखों पर लगाने वाले पट्टियां आपातकालीन चिकित्सा सेवा में साधनों की आवश्यकता होती है?

एंबुलेंस कितने की आती है?

मारुति ईको ambulance की दिल्ली में showroom price कीमत लगभग 6.16 लाख रुपये तक हो गई है।

102 किसका नंबर होता है?

102 सेवा एक बिल्कुल मुफ्त ambulance सेवा है, जो पूरे दिन में 24*7 लोगों  के लिए उपलब्ध होती है इस सेवा का लाभ आप कभी भी उठा सकते हैं और एंबुलेंस की सेवा ले सकते हैं।

तो दोस्तों इसी के साथ आप जान गये होंगे कि अब यू पी में भी जल्द एयर एम्बुलेंश की ब्यवस्था होने जा रही है। और आप मॉजूद एंमुलेंश के बारे में भी काफी जानकारी पा गये होंगे यह मै आप को बताता चलू कि हमारा इस लेख के माध्यम से यह प्रयास रहा हे कि आप को एंमुलेंश के बारे में अधिकतम जानकारी दिया जाय। अब इस आर्टिकल को यहीं पर समाप्त करते हैं और  दोस्तों कृपया आप हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं कि आपको हमारा यह पोस्ट कैसा लगा और इस पोस्ट को अपने उन दोस्तों के पास शेयर जरूर करें जिन्हें एंबुलेंस को हिंदी में क्या कहते हैं पता नहीं हैं। ..धन्यवाद

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